Rahul Gandhi Pune News Women Empowerment --कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी महिलाएं हैं और देश की प्रगति के लिए उनका स्वतंत्र और आत्मनिर्भर होना जरूरी है। इस दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं की पहचान को केवल मां, पत्नी या बेटी की भूमिका तक सीमित रखने की सोच पर भी सवाल उठाए और मनुस्मृति का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी।
महिलाओं की पहचान रिश्तों तक सीमित नहीं
पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि महिला की पहचान केवल उसके पारिवारिक रिश्तों से तय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मां, पत्नी या बेटी होना महत्वपूर्ण भूमिकाएं हैं, लेकिन किसी महिला की पूरी पहचान सिर्फ इन्हीं रिश्तों तक सीमित नहीं की जा सकती। उनके मुताबिक महिलाओं की अपनी प्रतिभा, पसंद, सपने और उपलब्धियां भी उनकी पहचान का हिस्सा हैं।
प्रोफेशनल से लेकर खिलाड़ी तक महिलाओं की भूमिका
राहुल गांधी ने कहा कि देश में महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। कोई प्रोफेशनल के तौर पर काम कर रही है, तो कोई खेल, कारोबार और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत क्षमता और उपलब्धियों के आधार पर पहचान मिलनी चाहिए। उनके अनुसार महिलाओं को अपनी जिंदगी के फैसले लेने और अपने सपनों को पूरा करने की आजादी मिलना जरूरी है।
मनुस्मृति का जिक्र कर कही ये बात
महिलाओं की स्वतंत्रता पर बात करते हुए राहुल गांधी ने मनुस्मृति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसमें महिला के बचपन में पिता, युवावस्था में पति और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहने की बात कही गई है। राहुल गांधी ने इस विचार को महिलाओं की स्वतंत्रता के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि देश की ताकत तब और बढ़ेगी, जब महिलाएं अपने लिए खड़ी होंगी और खुद पर भरोसा करेंगी।
70 करोड़ महिलाओं के सपनों को बताया ताकत
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की ताकत केवल उसकी अर्थव्यवस्था, सेना या स्वास्थ्य व्यवस्था में नहीं है। उन्होंने देश की करीब 70 करोड़ महिलाओं के सपनों, कल्पनाओं और उनकी अलग-अलग यात्राओं को भी भारत की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने महिलाओं की संवेदनशीलता, दयालुता और दूरदर्शिता का जिक्र करते हुए कहा कि समाज और देश के भविष्य में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
समान अवसर को बताया जरूरी
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं को समान अवसर और स्वतंत्र पहचान दिए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ेंगी, अपने फैसले खुद लेंगी और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करेंगी, तब देश की प्रगति को भी मजबूती मिलेगी। उनका जोर महिलाओं को पारिवारिक भूमिकाओं के साथ-साथ अपनी अलग पहचान और सपनों के लिए भी जगह देने पर रहा।