INDORE SECURITY ARRANGEMENTS: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कार्यक्रम की अनुमति के साथ पुलिस ने आयोजकों के सामने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी 31 शर्तें रखी हैं। इनमें 1500 स्वयंसेवकों की तैनाती, 40 नाइट-विजन CCTV कैमरे, 6 प्रवेश और 8 निकास द्वार शामिल हैं। आपात स्थिति में पूरे कार्यक्रम स्थल को 12 मिनट के भीतर खाली कराने की योजना भी तैयार की गई है।
1500 स्वयंसेवकों में 500 महिलाएं
पुलिस के निर्देश के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर कम से कम 1500 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। इनमें 500 महिला स्वयंसेवक शामिल होंगी। भीड़ को अधिकतम 2000 लोगों की क्षमता वाले अलग-अलग सेक्टरों में बांटा जाएगा। हर सेक्टर का अलग रंग, नंबर और प्रभारी होगा।
6 एंट्री, 8 एग्जिट और CCTV निगरानी
कार्यक्रम स्थल पर कम से कम 6 प्रवेश और 8 निकास द्वार बनाए जाएंगे। इनकी चौड़ाई कम से कम 6 मीटर होगी। सुरक्षा जांच के लिए 20 DFMD और 30 से 40 HHMD लगाए जाएंगे। 40 नाइट-विजन CCTV कैमरों की लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम को मिलेगी और रिकॉर्डिंग 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी।
12 मिनट में खाली होगा पूरा मैदान
आपात स्थिति के लिए सेक्टरवार निकासी योजना बनाई गई है। पुलिस के निर्देश के अनुसार पूरा कार्यक्रम स्थल 12 मिनट के भीतर खाली कराने की व्यवस्था रखनी होगी। कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। मंच के सामने 25 से 30 फीट का D-एरिया भी खाली रखा जाएगा।
मेडिकल टीम और एंबुलेंस की व्यवस्था
कार्यक्रम स्थल पर 2 डॉक्टर, 4 पैरामेडिक और ALS सहित 4 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। इसके अलावा 2 स्नेक-कैचर टीम और एंटी-वेनम की व्यवस्था भी होगी। शाम 6 बजे के बाद स्थल को सील कर BDDS और श्वान दल से जांच कराई जाएगी।
स्टेडियम के बाद बदला गया स्थल
पहले कार्यक्रम के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अनुमति मांगी गई थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 19 सितंबर की गई और रीजनल पार्क के सामने की जमीन चुनी गई।