नई दिल्ली। विपक्ष के नेता राहुल गांधी गुरुवार सुबह 10 बजे एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी वोट चोरी के आरोपों से जुड़ा बड़ा खुलासा कर सकते हैं, जिसे उन्होंने पहले ‘हाइड्रोजन बम’ का नाम दिया था। राहुल गांधी का दावा है कि अगर यह सच्चाई सामने आई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सामने जवाब देना मुश्किल हो जाएगा।
वोट चोरी को बताया लोकतंत्र के लिए खतरा
राहुल गांधी ने हाल ही में आयोजित ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के समापन समारोह में कहा था कि वोट चोरी हमारे लोकतंत्र के लिए परमाणु बम जैसा खतरा है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस तरह की घटनाएं अगर जारी रहीं, तो भारत का लोकतांत्रिक ढांचा बुरी तरह प्रभावित होगा।
कर्नाटक में एक लाख वोटों की चोरी का दावा
अपने भाषण में राहुल गांधी ने 2024 लोकसभा चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई। उन्होंने दावा किया कि यहां हेराफेरी करके करीब एक लाख से ज्यादा वोट ‘चुराए’ गए। राहुल ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जिन्हें पार्टी जल्द सबूतों के साथ जनता के सामने रखेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से बढ़ी उत्सुकता
आज होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सभी राजनीतिक दलों में उत्सुकता है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी अपने दावों को पुख्ता करने के लिए नए सबूत या दस्तावेज पेश कर सकते हैं। उनके इस बयान से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस और तेज होना तय है।
लोकतांत्रिक पारदर्शिता पर जोर
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी ने कई राज्यों में सभाएं कीं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी कथित अनियमितताओं को जनता के सामने रखने का प्रयास किया। खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतगणना की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए। राहुल का कहना है कि जब तक मतदाताओं के अधिकार और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता