Rahul Gandhi writes to Amit Shah: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी छात्रों के आंदोलन से जुड़ा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने पत्र में बल प्रयोग, पैलेट गन के इस्तेमाल और कार्रवाई के आदेश देने वाले अधिकारियों को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह पत्र सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी साझा किया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कार्रवाई पर जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि छात्र निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि छात्रों की बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उनके खिलाफ बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और सरकार का संख्या में छात्र घायल हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ छात्राओं के साथ मारपीट की गई और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। राहुल गांधी ने पत्र में मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो का उल्लेख करते हुए घटना की निष्पक्ष दायित्व है कि वह बातचीत के माध्यम से उनकी शिकायतों का समाधान करे।
पैलेट गन और बल प्रयोग पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ छात्राओं के साथ मारपीट की गई और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। राहुल गांधी ने पत्र में मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो का उल्लेख करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? pic.twitter.com/NDwfka1UqO
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026
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गृह मंत्री से पूछे दो अहम सवाल
राहुल गांधी ने अमित शाह से पूछा कि क्या छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित घातक बल के इस्तेमाल की मंजूरी गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी। यदि नहीं, तो यह आदेश किस स्तर पर जारी हुआ। उन्होंने दूसरा सवाल सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठीचार्ज करते दिखाई देने वाले लोगों को लेकर उठाया और पूछा कि वे पुलिसकर्मी थे या अन्य व्यक्ति तथा उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया था।
जवाबदेही और जांच की मांग
पत्र में राहुल गांधी ने दावा किया कि पैलेट गन से घायल हुए छात्रों में 19 वर्षीय साहिल नामक छात्र की एक आंख की रोशनी जाने का खतरा बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनकी चिंताओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।