
जम्मू-कश्मीर में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने कश्मीरी महिला की हत्या के मामले में यासीन मलिक के नौ ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापेमारी कश्मीरी पंडित महिला की हत्या के जुड़ा है। हत्या 1990 में की गई थी। उनका अपहरण करके बाद में हत्या कर दी गई थी। इस छापेमारी में एसआईए की टीम के साथ पुलिस और सीआरपीएफ भी शामिल हुई।
35 साल पुरारे में मामले में छापेमारी
आपको बता दें कि अनंतनाग की 27 वर्षीय कश्मीरी पंडित महिला नर्स की अप्रैल 1990 में बेरहमी से हत्या की गई थी। उस समय कश्मीर में उग्रवाद अपने चरम पर था। श्रीनगर के सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में वह काम करती थीं। 14 अप्रैल, 1990 को जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से आतंकियों ने संस्थान के हब्बा खातून छात्रावास से उनका अपहरण कर लिया।
क्षत-विक्षत शव मिला था
कई दिनों तक कश्मीरी पंडित महिला नर्स के साथ बलात्कार किया गया था। उसे काफी यातनाएं दी गईं थीं। बाद में 19 अप्रैल 1990 को श्रीनगर के मल्लाबाग की उमर कॉलोनी में उनका शव पाया गया था। एसआईए कई जगहों पर छापेमारी की। ये JKLF आतंकवादी यासीन मलिक, जावेद नलका, पीर नूर उल हक शाह, अब्दुल हमीद शेख, बशीर अहमद गोजरी, फिरोज अहमद खान और गुलाम मोहम्मद टपलू के ठिकाने बताए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो कश्मीरी महिला शेर-ए-कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज वह नर्स थीं। यहां से उनका अपहरण कर लिया गया था.
इसलिए की हत्या
कश्मीरी महिला के शरीर से एक नोट मिला था। उसमें लिखा गया था कि वह पुलिस मुखबिर थी। हत्या का कारण कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने या सरकारी नौकरी छोड़ने के उग्रवादी आदेशों की अवहेलना करने लेकर था।