Railway Safety CAG Report : भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। संसद में पेश इस रिपोर्ट में मार्च 2025 तक रेलवे के कार्यों और खर्चों की समीक्षा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार रेलवे सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य अभी तक पूरे नहीं कर पाया है। ऐसे में रोजाना करोड़ों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
सुरक्षा कोष में नहीं जमा हुई पूरी राशि
रेलवे में सुरक्षा सुधार के लिए राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष (RRSK) बनाया गया था। इस कोष का उद्देश्य पटरियों, सिग्नल व्यवस्था और अन्य सुरक्षा परियोजनाओं को मजबूत करना है। CAG रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे को इस कोष में निर्धारित राशि जमा करनी थी, लेकिन उसने तय राशि का केवल 21.30 प्रतिशत ही जमा किया। रिपोर्ट में इस स्थिति को गंभीर माना गया है क्योंकि सुरक्षा परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके।
हजारों सुरक्षा कार्य अब भी अधूरे
रिपोर्ट में सामने आया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान सुरक्षा से जुड़े 20,304 कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। इनमें कई ऐसे प्रोजेक्ट शामिल हैं जिनका सीधा संबंध रेल संचालन और यात्री सुरक्षा से है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा कार्यों में देरी का असर भविष्य में रेलवे की कार्यक्षमता और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है। अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी रिपोर्ट में चिंता जताई गई है।
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फंड के इस्तेमाल पर भी सवाल
CAG ने सुरक्षा कोष के उपयोग को लेकर भी कई आपत्तियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा के लिए निर्धारित धनराशि में से 823.14 करोड़ रुपये ऐसे कार्यों पर खर्च किए गए जो प्राथमिकता सूची में शामिल नहीं थे। इतना ही नहीं, वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच 3,397.60 करोड़ रुपये भी गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों पर खर्च किए जाने की बात सामने आई है। इससे सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठने लगे हैं।
बिना मंजूरी हुए हजारों करोड़ खर्च
रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान रेल मंत्रालय ने 1,321 मामलों में 19,458.25 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि इन कार्यों के लिए आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी। CAG ने इस प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना इतना बड़ा खर्च वित्तीय प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ाता है।
यात्रियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है रिपोर्ट?
देश में हर दिन लाखों लोग रेल यात्रा करते हैं और उनके लिए सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। ऐसे में सुरक्षा परियोजनाओं का अधूरा रहना, सुरक्षा कोष में कम राशि जमा होना और फंड का गैर-प्राथमिकता वाले कार्यों में इस्तेमाल होना चिंता का विषय माना जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं कहा गया है कि रेल यात्रा असुरक्षित हो गई है, लेकिन इसमें सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यात्रियों के लिए यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे रेलवे की सुरक्षा तैयारियों और चुनौतियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आती है।