भारतीय रेलवे ने लाखों यात्रियों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला किया है। अब बेडरोल सुविधा केवल एसी कोच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्लीपर कोच में भी उपलब्ध होगी। यात्रियों को तकिया, चादर और कंबल की जरूरत अक्सर लंबी दूरी के सफर में होती है, लेकिन अब यह सुविधा बिना घर से सामान लाए ट्रेन में ही मिलेगी। हालांकि, यह ऑन-डिमांड सर्विस होगी यानी यात्री अपनी जरूरत अनुसार भुगतान कर सकते हैं। रेलवे का लक्ष्य है कि बिना किराया बढ़ाए स्लीपर क्लास यात्रियों को अतिरिक्त आराम दिया जाए।
ऑन-डिमांड सर्विस में कितना देना होगा चार्ज
एसी कोच की तरह फ्री बेडरोल नहीं मिलेगा, लेकिन स्लीपर कोच में इसके लिए 20 से 50 रुपये तक के चार्ज तय किए गए हैं। अगर यात्री केवल 20 रुपये देंगे, तो उन्हें सिर्फ चादर उपलब्ध होगी। तकिया और उसका कवर चाहिए तो 30 रुपये देने होंगे। वहीं पूरा बेडरोल पैक यानी चादर + तकिया + कवर लेने पर 50 रुपये का भुगतान करना होगा। यह सुविधा अचानक यात्रा करने वालों या हल्का सफर पसंद करने वालों के लिए काफी मददगार साबित होगी।
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किन ट्रेनों में शुरू हुई यह नई सुविधा
फिलहाल रेलवे इस सुविधा को ट्रायल बेसिस पर शुरू कर रहा है। देश की चुनिंदा 10 सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों में यह सर्विस शुरू की गई है। इसमें नीलगिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, मैंगलोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, मन्नारगुड़ी एक्सप्रेस, तिरुचेंदुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, पालघाट एक्सप्रेस, सिलंबु सुपरफास्ट एक्सप्रेस, तांबरम–नागरकोइल सुपरफास्ट एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम सुपरफास्ट एक्सप्रेस, अल्लेप्पी एक्सप्रेस और मैंगलोर एक्सप्रेस शामिल हैं। यदि रिस्पॉन्स अच्छा मिलता है तो इसे और कई रूट्स पर लागू किया जा सकता है।
यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा
इस सर्विस का सबसे बड़ा फायदा है सुविधा और हल्का सफर। यात्रियों को घर से बेडशीट, कंबल या तकिया ले जाने की जरूरत नहीं होगी। कम खर्च में सफर के दौरान आराम मिल जाएगा। ट्रेनों में भीड़ और अचानक यात्रा करने की स्थिति में यह सुविधा बहुत उपयोगी साबित होगी। रेलवे का कहना है कि यात्रियों का अनुभव बेहतर बनाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है।