Rain Alert : देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मध्य भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब अच्छी तरह विकसित हो चुका है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। यह मौसम प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है, जिससे मध्य, उत्तर और पश्चिम भारत में वर्षा की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं.
इन राज्यों में भारी से अति भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. पश्चिमी तट के राज्यों, खासकर कोंकण, गोवा, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने का भी खतरा बना हुआ है.
कब तक रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 7 से 13 जुलाई के बीच अधिकांश राज्यों में रुक-रुककर तेज बारिश जारी रह सकती है. उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई तक, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में लगातार वर्षा की संभावना है। पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अगले कई दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी.
बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी
भारी बारिश के साथ कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी जताई गई है.
किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है. वहीं, जिन लोगों की यात्रा की योजना है, उन्हें मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं.
प्रशासन अलर्ट मोड पर
कई राज्यों में जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखें और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें.