भारत मौसम विभाग (IMD) ने 28 दिसंबर 2025 से देश के कई हिस्सों में बारिश और हिमाच्छादित इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है, वहीं 27 दिसंबर तक उत्तर भारत में घने कोहरे (डेंस फॉग) का यलो अलर्ट जारी किया है। इससे नए साल के जश्न पर न सिर्फ ठंड और नमी बढ़ सकती है, बल्कि सड़कों, रेल मार्गों और उड़ानों पर भी असर देखने को मिल सकता है। पिछले कई दिनों से उत्तर भारत में ठंड और कोहरे की स्थिति बनी हुई है, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी से जाहिर होता है कि वर्ष के आखिरी हफ्ते में मौसम और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
घना कोहरा और यलो अलर्ट – 27 दिसंबर तक जारी
भारत मौसम विभाग ने दिनांक 27 दिसंबर तक घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है, खासकर उत्तर भारत के राज्यों जैसे दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में। दिन के उजाले में कोहरा कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन सुबह और रात में दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है। ऐसे मौसम की वजह से सड़क मार्गों और हवाई अड्डों पर यातायात प्रभावित हो सकता है और यात्री तथा ड्राइवरों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.
कोहरे के कारण दृश्यता में गिरावट कई जगहों पर चिंताजनक स्तर तक पहुँच चुकी है। उदाहरण के लिए कुछ इलाकों में दृश्यता 50 मीटर तक गिर गई, जिससे सड़कों पर वाहन चालकों के लिए मुश्किलें बढ़ी हैं और उड़ानों के समय में देर हुई है। ऐसे हालातों में लोगों को सलाह दी जा रही है कि सुबह-सुबह यात्रा करने से पहले मौसम अपडेट अवश्य देखें और अनिवार्य होने पर ही बाहर निकलें.
28 दिसंबर से बारिश और हिमाच्छादित इलाकों में बर्फबारी
27 दिसंबर तक कोहरे से जूझने के बाद मौसम में एक बदलाव आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 दिसंबर को उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और पहाड़ों में बर्फबारी की आशंका जताई गई है। विशेषकर हिमाच्छादित इलाकों में तापमान में गिरावट के साथ बर्फ गिरने का अनुमान है, जो नववर्ष की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है. यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों के प्रभाव और हवाओं की दिशा बदलने के कारण होने की संभावना है। इस प्रकार की प्रणाली अक्सर सर्दियों के मौसम में बारिश और बर्फबारी का कारण बनती है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैवेलिंग मुश्किल हो सकती है। इसके अलावा मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ठंडी हवाओं का प्रभाव भी रहने की उम्मीद है.
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नववर्ष के जश्न पर मौसम का असर
बारिश और बर्फबारी के संभावित प्रभाव से 31 दिसंबर और 1 जनवरी के उत्सवों पर भी असर पड़ सकता है। कई शहरों में ठंड के साथ नमी और कोहरे की वजह से रात्रि समारोहों और बाहरी कार्यक्रमों की योजना प्रभावित हो सकती है। ऐसे मौसम में आयोजनकर्ताओं और नागरिकों को मौसम के हिसाब से तैयार रहने और आवश्यक सावधानियाँ अपनाने की सलाह दी जा रही है. विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में जहां पर्यटक नववर्ष मनाने के लिए आते हैं, वहाँ बर्फबारी और तापमान में गिरावट से यात्रा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। वहीं महानगरों और मैदानी क्षेत्रों में कोहरे के कारण सड़क संपर्क और रेल यात्रा में भी परेशानी हो सकती है, जिससे समय प्रबंधन और यातायात योजनाओं में ध्यान देने की आवश्यकता है.
सावधानियाँ और सुझाव
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को कुछ सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है:
- सुबह और रात में बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि कोहरे के कारण दृश्यता कम रहती है।
- लंबी दूरी की यात्रा से पहले मौसम अपडेट प्राप्त करें और आवश्यक होने पर यात्रा की योजना बदलें।
- पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को सर्दी के कपड़े और सुरक्षा सामग्री साथ ले जाने की सलाह दी जाती है।
- सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर धीमी गति से वाहन चलाएँ और यातायात संकेतों का पालन करें, कुल मिलाकर इस सीजन का मौसम ठंड और नमी के प्रभाव के साथ चुनौतीपूर्ण रहेगा, लेकिन समय रहते चेतावनी और सावधानियाँ अपनाने से नागरिक सुरक्षित और आरामदायक तरीके से नववर्ष मना सकते हैं.