
Rain in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। सोमवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया और कई इलाकों में अंधेरा छा गया। इसके बाद तेज बारिश से राजधानी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बार दिल्ली में अगस्त महीने में 399.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2010 में अगस्त में 455.8 मिमी बारिश हुई थी। लगातार हो रही बारिश ने तापमान में गिरावट तो लाई है, लेकिन इससे ट्रैफिक जाम, जलभराव और दैनिक जीवन पर बड़ा असर पड़ा है।
येलो अलर्ट और सक्रिय मॉनसून
आईएमडी ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी में न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, आर्द्रता का स्तर 90 प्रतिशत तक पहुंच गया। विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिन तक मॉनसून सक्रिय रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। जून से अब तक दिल्ली में 750 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पहले ही औसत मौसमी वर्षा को पार कर चुकी है और अब 774.4 मिमी के वार्षिक आंकड़े की ओर बढ़ रही है।
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सितंबर में और बढ़ेगा खतरा
मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर का महीना भी इस बार रिकॉर्ड बारिश वाला रह सकता है। आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 31 अगस्त के बीच देश में 743.1 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 6 प्रतिशत अधिक है। विभाग का अनुमान है कि सितंबर में औसत 167.9 मिमी बारिश की तुलना में 109 प्रतिशत से ज्यादा वर्षा हो सकती है। इससे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं, दिल्ली, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में भी सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। कोंकण, गोवा, गुजरात और तटीय कर्नाटक में भी भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।