Indian Weather Report: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दिल्ली-NCR में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट और ठंडक का एहसास बढ़ने लगा है। वहीं, पूर्वी भारत, मध्य भारत और पहाड़ी राज्यों में भी मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना से ठंड बढ़ने के आसार हैं। बदलते मौसम के बीच लोगों को अपने दैनिक कामकाज और यात्रा की योजना बनाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
31 अक्टूबर को इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की चेतावनी का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है, जिसका प्रभाव 5 नवंबर तक बना रह सकता है। लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में भिन्न रह सकती है।
उत्तराखंड समेत पहाड़ी राज्यों में बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में 31 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की आशंका जताई गई है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बदलने से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है। पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में बारिश के कारण मौसम सुहावना होने के साथ ठंडा भी हो गया है। 31 अक्टूबर को राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी होने के आसार हैं। इससे सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ सकती है।
बंगाल की खाड़ी में नया मौसम सिस्टम, तटीय इलाकों पर नजर
मौसम में बदलाव के पीछे सक्रिय मौसमी प्रणालियों की भी अहम भूमिका है। दी गई जानकारी के मुताबिक, चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद उससे जुड़ा मौसमी सिस्टम उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के पूर्वी मध्य प्रदेश के क्षेत्र में कम दबाव के रूप में सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की जानकारी दी गई है। इसके आगे विकसित होने और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका जताई गई है। हालांकि, इसके संभावित मार्ग, तीव्रता और प्रभाव को लेकर मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है। लोगों को भारी बारिश या तेज हवाओं की आधिकारिक चेतावनी मिलने पर संबंधित निर्देशों का पालन करना चाहिए।