
Rain wreaks havoc in Darjeeling: दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और पुल ढहने की घटनाओं में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। दार्जिलिंग के मिरिक और सुखिया पोखरी इलाकों में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। भूस्खलन से पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। कई इलाकों में एनएच-10 और एनएच-717ए बंद हैं, जिससे यातायात बाधित है। प्रशासन ने सभी पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है और बचाव कार्य में पुलिस व आपदा राहत टीमें जुटी हैं।
PM ने जताया दुख, बचाव जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दार्जिलिंग में हुई इस भीषण तबाही पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि “पुल हादसे में जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है” और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएम ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। दार्जिलिंग जिला प्रशासन ने बताया कि बचाव अभियान जारी है, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त होने से राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है।
भूस्खलन से संपर्क टूटा, रेड अलर्ट जारी
दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और सिलीगुड़ी के बीच कई मार्ग अवरुद्ध हैं। दुधेय का पुल टूटने, तीस्ता बाजार और कोरोनेशन ब्रिज के रास्ते बंद होने से लोगों की आवाजाही थम गई है। मौसम विभाग ने सिक्किम के सभी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और 7 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। दार्जिलिंग प्रशासन ने टाइगर हिल, रॉक गार्डन और टॉय ट्रेन सेवाओं को बंद कर दिया है। अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नज़र रखने की अपील की है, जबकि राहत दल लगातार प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।