Electricity Saving Tips
: बारिश के मौसम में तापमान कम होने के बाद भी कई घरों में बिजली का बिल बढ़ जाता है। पहली नजर में यह थोड़ा अजीब लगता है कि जब एसी पहले से कम चल रहा है तो बिजली ज्यादा कैसे खर्च हो रही है। दरअसल, बारिश के दिनों में घर के अंदर नमी बढ़ जाती है और लोग उसे कम करने के लिए पंखे, एसी या दूसरे बिजली वाले उपकरण ज्यादा समय तक चलाते हैं। इसके अलावा कुछ छोटी आदतें भी महीने का खर्च बढ़ा सकती हैं।
नमी में एसी ज्यादा चलता है
बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में कमरा ठंडा होने के बाद भी चिपचिपा महसूस हो सकता है। कई लोग आराम के लिए एसी को लंबे समय तक चलाते रहते हैं या तापमान बहुत कम कर देते हैं। इससे बिजली की खपत बढ़ सकती है। अगर जरूरत हो तो एसी का तापमान बहुत कम रखने के बजाय आरामदायक स्तर पर रखें।
अंधेरे में जलती हैं लाइटें
बारिश और बादलों के कारण दिन में भी घर के कमरों में रोशनी कम हो जाती है। ऐसे में लोग सुबह से शाम तक लाइट जलाकर रखते हैं। अगर घर में कई कमरे हैं और सभी जगह लाइट चल रही है तो इसका असर बिजली के बिल पर दिख सकता है। दिन में जहां पर्याप्त रोशनी हो, वहां लाइट बंद रखना बेहतर है।
गीले कपड़ों का बढ़ता खर्च
बारिश में कपड़े जल्दी नहीं सूखते। कई घरों में उन्हें सुखाने के लिए पंखा लंबे समय तक चलाया जाता है। कुछ लोग बिजली वाले कपड़े सुखाने के उपकरण भी इस्तेमाल करते हैं। जरूरत से ज्यादा देर तक इन्हें चलाने से खपत बढ़ सकती है। कपड़ों को ऐसी जगह सुखाएं जहां हवा का रास्ता खुला हो।
पंखा और एसी दोनों साथ
बारिश में उमस ज्यादा होने पर लोग एक ही कमरे में एसी और पंखा दोनों चला देते हैं। कई बार इसकी जरूरत नहीं होती, लेकिन आदत के कारण दोनों चलते रहते हैं। अगर कमरे का तापमान पहले ही आरामदायक है तो अनावश्यक उपकरण बंद किए जा सकते हैं। इससे बिजली की बचत होगी।
इन छोटी बातों पर दें ध्यान
बारिश के दिनों में बिजली बचाने के लिए हर उपकरण बंद करना जरूरी नहीं है। बस जरूरत के हिसाब से उनका इस्तेमाल करना चाहिए। कमरे से बाहर निकलते समय पंखा और लाइट बंद करें, एसी को बहुत कम तापमान पर न चलाएं और कपड़े सुखाने के लिए बिजली वाले उपकरणों का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। महीने के आखिर में यही छोटी-छोटी बचत बिजली के बिल में बड़ा फर्क ला सकती है।