रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर रविवार रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया। ग्राम बगोली के पास एक मालवाहक और ट्रेलर की भिड़ंत में 14 लोगों की मौत हो गई, जिसमें बेमेतरा की एक महिला और उसके दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं घटना ने एक बार फिर मालवाहकों में सवारी ढोने के खतरों की ओर ध्यान खींचा है।
शोक में डूबा आनंदगांव: एक साथ जली तीन चिताएं
बेमेतरा जिले के आनंदगांव निवासी वर्षा साहू अपने छह साल की बेटी भूमि और छह माह के बेटे उमंग के साथ छट्ठी कार्यक्रम से लौट रही थीं, जब उनकी मालवाहक गाड़ी माजदा ट्रेलर से टकरा गई। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। गांव में एक साथ मां और दो बच्चों के शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। मुक्तिधाम में तीनों का अलग-अलग अंतिम संस्कार किया गया।
50 से अधिक लोग थे मालवाहक में सवार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस मालवाहक में वर्षा और अन्य लोग सवार थे, उसमें 50 से ज्यादा लोग बैठे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं कई अन्य घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों का इलाज रायपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
सुशील साहू ने एक साथ खोया पूरा परिवार
वर्षा के पति सुशील साहू गांव में मोबाइल दुकान चलाते हैं। हादसे में उन्होंने पत्नी और दोनों बच्चों को खो दिया। गांव वालों के अनुसार सुशील बच्चों से बेहद लगाव रखते थे। घर आते ही वह अपने बेटे उमंग और बेटी भूमि के साथ समय बिताते थे। हादसे ने उनका पूरा संसार उजाड़ दिया।
मालवाहकों में सवारी पर फिर उठे सवाल
यह कोई पहला मामला नहीं है जब मालवाहक में सवारी ढोने से इतनी बड़ी जनहानि हुई हो। अप्रैल 2024 और फरवरी में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। प्रशासन दावा तो करता है कि ऐसे वाहनों पर कार्रवाई होगी, लेकिन हकीकत में मामूली जुर्माने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है।
सरकारी मदद: PM मोदी ने जताया दुख
खरोरा सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत, PM मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता राशि का ऐलान
5 लाख मुआवजा, 15 हजार की राहत राशि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रशासन की ओर से तात्कालिक रूप से 15 हजार रुपए की राहत राशि भी दी गई है।