मध्य प्रदेश के रायसेन किले से रमजान के दौरान तोप दागने की दशकों पुरानी परंपरा अब विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और उसके बाद उठे विरोध के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। जांच के बाद आयोग ने तोप चलाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए हैं और प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
रायसेन किले से रमजान के दौरान रोजा इफ्तार और सहरी के समय तोप दागने की परंपरा करीब 70 साल से चली आ रही है। हाल ही में इस परंपरा से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। आरोप है कि वीडियो में ईरान के समर्थन में नारेबाजी जोड़ी गई थी, जिससे मामला संवेदनशील बन गया। इसके बाद कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से इस परंपरा को बंद करने की मांग की।
मानवाधिकार आयोग की टीम ने की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के नेतृत्व में एक टीम रायसेन पहुंची। टीम ने किले का निरीक्षण किया और प्रशासनिक दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान यह सवाल भी उठा कि तोप चलाने की अनुमति किस प्रक्रिया के तहत दी जा रही थी और क्या इसके लिए सभी जरूरी नियमों का पालन किया गया था।
लाइसेंस और अनुमति पर उठे कानूनी सवाल
जांच के दौरान आयोग ने यह भी कहा कि कलेक्टर के पास तोप चलाने का लाइसेंस देने का अधिकार नहीं है। आयोग के अनुसार ऐसी गतिविधियों के लिए पुरातत्व विभाग और वन विभाग की अनुमति आवश्यक होती है। बिना उचित ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ के इस तरह की अनुमति दिए जाने को लेकर आयोग ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
बारूद के स्रोत और सुरक्षा पर चिंता
आयोग ने यह भी पूछा है कि तोप चलाने में किस प्रकार का बारूद इस्तेमाल किया जाता है और वह कहां से लाया जाता है। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की जरूरत बताई गई है। आयोग ने आशंका जताई कि यदि बारूद का स्रोत और उपयोग स्पष्ट नहीं है तो यह सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है।
रिहायशी इलाके के कारण बढ़ी सुरक्षा चिंता
आयोग की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि जिस दिशा में तोप चलाई जाती है, उसके नीचे घना रिहायशी इलाका है। ऐसे में यह परंपरा स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि आगे भी बिना अनुमति के तोप चलाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।