मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मरखंडी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खुले खेत में आसमान से गिरा एक रहस्यमय इलेक्ट्रॉनिक यंत्र मिला। अनजान डिवाइस को देखकर ग्रामीणों में डर फैल गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शुरुआती जांच में इसे मौसम से जुड़ा उपकरण बताया जा रहा है, जो संभवतः विदेश से भटककर यहां पहुंचा।
गांव में मची अफरा-तफरी, पुलिस को दी गई सूचना
मरखंडी गांव के पास खुले इलाके में पड़े इस अज्ञात उपकरण को सबसे पहले ग्रामीणों ने देखा। आकार और बनावट देखकर उन्हें किसी बड़े खतरे की आशंका हुई। कुछ लोगों को विस्फोटक होने का डर सताने लगा, जिसके बाद तत्काल डायल 100 पर सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और किसी को भी यंत्र के पास जाने नहीं दिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया ‘रेडियोसॉन्ड’
सुरक्षा मानकों के तहत जांच के बाद पुलिस ने डिवाइस को सावधानीपूर्वक कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया। शुरुआती पड़ताल में यह कोई विस्फोटक नहीं पाया गया। विशेषज्ञों की राय के अनुसार यह ‘रेडियोसॉन्ड’ नामक उपकरण हो सकता है, जिसका उपयोग मौसम विज्ञान में ऊंचाई पर भेजकर तापमान, आर्द्रता और वायुदाब जैसी सूचनाएं एकत्र करने के लिए किया जाता है।
मलेशिया से जुड़ने की संभावना, लंबी दूरी तय करने की आशंका
यंत्र पर उपलब्ध विवरण और कोड के आधार पर इसे मलेशिया के मौसम विभाग से संबंधित बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तेज हवाओं या ऊपरी वायुमंडलीय दबाव के कारण यह करीब चार हजार किलोमीटर तक बहते हुए रायसेन जिले में आ गिरा। यह भी संभावना है कि उड़ते समय गुब्बारा किसी पक्षी या अन्य वस्तु से टकराया हो, जिससे वह फट गया।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी मध्य भारत के एक अन्य क्षेत्र में इसी तरह का विदेशी मौसम उपकरण गिरने की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे मामलों में आमतौर पर यह माना जाता है कि मौसम अनुसंधान के लिए छोड़े गए गुब्बारे दिशा बदलने या तकनीकी कारणों से अपने निर्धारित मार्ग से भटक जाते हैं और दूर-दराज इलाकों में गिर सकते हैं।
थाने में सुरक्षित रखा गया उपकरण, जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने इस यंत्र को थाना परिसर में सुरक्षित रखवाया है और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी गई है। तकनीकी विशेषज्ञों से भी इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि इसकी उत्पत्ति और यात्रा मार्ग की पुष्टि हो सके। ग्रामीणों से अपील की गई है कि भविष्य में इस तरह की कोई भी संदिग्ध वस्तु दिखे तो उसे छूने के बजाय तुरंत प्रशासन को सूचित करें।