राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने अदालत में दावा किया है कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और जमानत आदेश पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। अब इस बहुचर्चित केस में 3 जून को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
हाईकोर्ट में सरकार ने रखा पक्ष
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सरकारी वकील ने अदालत के समक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियों को ऐसे कई अहम साक्ष्य मिले थे, जिनके आधार पर सोनम और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की गई थी। सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत आदेश की समीक्षा आवश्यक है।
3 जून को सोनम पक्ष देगा जवाब
मामले में अब अगली सुनवाई 3 जून को निर्धारित की गई है। इस दौरान सोनम रघुवंशी के वकील अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और जमानत आदेश को बरकरार रखने की मांग करेंगे। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों की दलीलों के बाद अदालत इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है।
जमानत की शर्तो के तहत शिलांग में रह रही सोनम
जमानत मिलने के बाद सोनम फिलहाल शिलांग में ही रह रही है। अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार उसे वहीं रहने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर मामले के अन्य आरोपी, जिनमें कथित प्रेमी राज और उसके तीन साथी शामिल हैं, अभी भी जेल में बंद हैं।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या शिलांग में हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। अब सोनम की जमानत को लेकर शुरू हुई नई कानूनी लड़ाई ने इस चर्चित हत्याकांड को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।