इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में अब शादी के कैटरिंग भुगतान को लेकर नया विवाद सामने आया है। शादी समारोह में भोजन व्यवस्था संभालने वाले कैटरर्स ने बकाया राशि की वसूली के लिए सोनम रघुवंशी के पिता गोविंद रघुवंशी और राजा के भाई विपिन रघुवंशी को कानूनी नोटिस भेजा है। कैटरर्स का दावा है कि शादी के खाने का 2 लाख 82 हजार 550 रुपये का भुगतान अभी बाकी है।
शादी के खाने के भुगतान को लेकर भेजा गया नोटिस
राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी से जुड़ा यह मामला अब कैटरिंग भुगतान विवाद तक पहुंच गया है। कैटरर्स हितेश उर्फ जिम्मी रोहिरा की ओर से अधिवक्ता जयंत राठौर ने दोनों परिवारों को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की गई है। कैटरर्स का कहना है कि यदि तय समय में भुगतान नहीं किया गया तो वह अदालत का रुख करेंगे।
11 लाख से ज्यादा का था कैटरिंग का अनुबंध
अधिवक्ता जयंत राठौर के अनुसार, 10 और 11 फरवरी 2025 को हुए सोनम और राजा रघुवंशी के विवाह समारोह में भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी कैटरर्स को दी गई थी। इसके लिए कुल 11 लाख 42 हजार 550 रुपये का अनुबंध हुआ था। कैटरर्स का दावा है कि अब तक 8 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि 2 लाख 82 हजार 550 रुपये की राशि अभी बाकी है।
भुगतान नहीं होने पर कोर्ट जाने की तैयारी
कैटरर्स पक्ष का आरोप है कि बकाया भुगतान की मांग करने के बाद भी लगातार टालमटोल की जाती रही और अलग-अलग बहाने बनाए गए। अधिवक्ता का कहना है कि नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया। अब सिविल कोर्ट में वसूली का दावा पेश करने की तैयारी की जा रही है।
धोखाधड़ी के आरोप में कार्रवाई की भी बात
कैटरर्स के अधिवक्ता ने कहा कि केवल पैसों की वसूली का मामला ही नहीं, बल्कि कथित धोखाधड़ी को लेकर फौजदारी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रस्तावित मामले में सोनम रघुवंशी को भी आरोपी बनाए जाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि नोटिस प्राप्त करने वाले पक्ष की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोनम रघुवंशी ने शिलॉन्ग कोर्ट में किया सरेंडर
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने हाल ही में मेघालय के शिलॉन्ग कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था। सोनम के सरेंडर के बाद राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मेघालय सरकार का धन्यवाद जताते हुए न्याय मिलने की उम्मीद जाहिर की थी।