इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी जितनी सुलझती जा रही है, उतनी ही पेचीदा होती जा रही है। अब इस मामले में एक चौंकाने वाला जुड़ाव सामने आया है। जिस स्थान पर राजा का शव मिला, उसके आसपास ही दो साल पहले एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति और सास की हत्या कर दी थी और उनके शव के टुकड़े शिलांग के विभिन्न हिस्सों में फेंक दिए थे। इस घटना ने इंदौर पुलिस और एसआईटी की जांच को एक नया मोड़ दे दिया है। क्या सोनम और उसके साथियों ने जानबूझकर उसी क्षेत्र को शव छिपाने के लिए चुना? क्या उन्होंने पुराने केस से ‘प्रेरणा’ ली? इन सवालों ने पूरे केस को और जटिल बना दिया है।
पुरानी घटना से जुड़ा राजा रघुवंशी हत्याकांड?
2022-23 में गुवाहाटी की एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति और सास की हत्या कर दी थी। शव के टुकड़े शिलांग के आसपास फेंके गए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि राजा रघुवंशी का शव भी उसी क्षेत्र में मिला है। इस समानता ने पुलिस को हैरान कर दिया है और अब यह संभावना भी जताई जा रही है कि सोनम ने भी इस क्षेत्र को उसी पैटर्न पर चुना।
सोनम की शातिर योजना, पर रह गई अधूरी
जांच में सामने आया कि सोनम रघुवंशी ने राजा को मौत के घाट उतारने की पूरी साजिश रची थी। वह चाहती थी कि हत्या के बाद खुद को लापता बताकर पीड़िता साबित कर दे। लेकिन उसका प्लान फेल हो गया। पुलिस ने सोनम सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, अभी तक पुख्ता तकनीकी सबूत नहीं मिले हैं, जिस पर पुलिस की एसआईटी काम कर रही है।
तकनीकी जांच में जुटी एसआईटी की टीमें
मेघालय पुलिस की एसआईटी इस केस की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों पर काम कर रही है। इंदौर, गाजीपुर, बनारस और बीना जैसे शहरों में भी जांच की जा रही है। जांच टीमें उन युवकों की पहचान कर रही हैं जो सोनम के साथ सफर में थे या बस स्टैंड तक आए थे।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले मामला, दोषियों को मिले फांसी
भोपाल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सोनम बार-बार अपने बयान बदल रही है, जिससे मामला उलझता जा रहा है। दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
समाज ने दी राजा को श्रद्धांजलि
भोपाल के रघुकुल भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। मोमबत्तियां जलाकर राजा को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर रघुवंशी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उमाशंकर रघुवंशी, सुरेंद्र सिंह रघुवंशी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।