
राजस्थान में खांसी की दवा से बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। चूरू जिले के वार्ड 39 के निवासी 6 साल के मासूम आनस खान की शनिवार को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में मौत हो गई। हादसे को लेकर परिजनों का आरोप है कि मामूली सर्दी जुकाम के इलाज में दी खांसी की सिरप ही मौत का कारण बनी। अनस के पिता नवाब खान रेहड़ी गाड़ी चलाकर परिवार का पालन-पोषण किया करते हैं। इस हादसे से पूरा परिवार सदमे में है।
सांस लेने में दिक्कत होने लगी
परिजनों के अनुसार, अनस को 5-6 दिन पहले पहले खांसी और बुखार की शिकायत मिली थी। चूरू के राजकीय भ्रातृ अस्पताल में दिखाने पर डॉक्टरों ने डेक्स्ट्रोमेथार्फन वाली खांसी का सिरप दिया। दवा लेने के बाद अनस की तबीयत पूरी तरह से बिगड़ने लगी। वह बेहोश होने लगी। सांस लेने में दिक्कत होने लगी। दो अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुधार न होने पर जयपुर में रेफर कर दिया गया। शनिवार की सुबह 4 बजे जेके लोन पहुंचने पर महज 6 घंटे बाद सुबह 10 बजे अनस ने दाम तोड़ा।
रो-रोकर बुरा हाल हो रहा
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। पिता नवाब खान ने आरोप लगाया कि सिरप देने के बाद ही बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। अनस की 65 वर्षीय दादी का कहना है कि अनस हमारा लाडला पोता था। सरकारी अस्पताल से विश्वास करके यह दवा दी। मगर जहर निकला। हमें न्याय चाहिए। यह मामला राजस्थान में डेक्स्ट्रोमेथार्फन वाली खांसी की सिरप से जुड़ा चौथी मौत है। इससे पहले भरतपुर और सीकर में भी इस सिरप से बच्चों की मौत सामने आई। यहां पर अब तक 4 मौतें और कई सारे बच्चे प्रभावित हुए हैं।