राजस्थान सरकार ने मृत शरीर सम्मान अधिनियम के नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत सड़क या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर शव रखकर विरोध या दबाव बनाने की हरकत अब कानूनी अपराध मानी जाएगी। राज्य का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला यह देश का पहला प्रदेश है। नए प्रावधानों में 24 घंटे के भीतर अंतिम संस्कार करना अनिवार्य है और देरी या विरोध की स्थिति में पुलिस स्वयं अंतिम संस्कार कर सकेगी। अधिनियम का उद्देश्य मृतक की गरिमा और सामाजिक व्यवस्था दोनों की सुरक्षा करना है।
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने पर सख्त कार्रवाई
नए अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर शव रखकर विरोध करना अब सीधे-सीधे आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आएगा। सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन से न केवल कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि मृतक की गरिमा का भी हनन होता है। अधिनियम में दोषियों के लिए 6 महीने से 5 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। यदि मृतक के परिजन ऐसा करते हैं तो उनके लिए भी 2 साल तक की सजा तय की गई है।
24 घंटे के भीतर अंतिम संस्कार का नया प्रावधान
राज्य सरकार के अनुसार, किसी भी स्थिति में शव को लंबे समय तक बिना अंतिम संस्कार के रखना अब संभव नहीं होगा। कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा नोटिस मिलने के बाद परिजनों को 24 घंटे के भीतर अंतिम संस्कार करना अनिवार्य होगा। यदि परिजन किसी भी कारण से अंतिम संस्कार नहीं करवाते, तो पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगी। यह व्यवस्था कानूनी विवादों या परिजनों के असहमत होने जैसी स्थितियों को रोकने के उद्देश्य से जोड़ी गई है।
अस्पताल अब बकाया बिल पर शव नहीं रोक सकेंगे
अधिनियम का एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि किसी अस्पताल में बकाया बिल होने पर शव को रोककर नहीं रखा जाएगा। पहले कई मामलों में अस्पताल बिल वसूली के लिए शव पर रोक लगा देते थे, जिससे परिवारों को मानसिक और सामाजिक दोनों तरह का दबाव झेलना पड़ता था। नए नियम सुनिश्चित करते हैं कि मृतक के सम्मान से कोई समझौता न हो और परिजनों को
परेशानियों का सामना न करना पड़े।
मृतक की गरिमा और सामाजिक अनुशासन पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि यह अधिनियम मृतक की गरिमा की रक्षा और सामाजिक अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अक्सर विरोध प्रदर्शनों में शव का उपयोग होते देखा गया, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो जाती थी। अब नए कानून के तहत ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी और किसी भी तरह की अव्यवस्था पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।