जयपुर के चौंमू में मस्जिद के अतिक्रमण विवाद को लेकर हुई हिंसा के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं। कांग्रेस जहां पुलिस और सरकार पर पूर्व नियोजित साजिश का आरोप लगा रही है। वहीं राज्य सरकार के मंत्री कांग्रेस पर भीड़ में अपने लोग भेजकर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने चौंमू हिंसा को भाजपा और पुलिस की पूर्व नियोजित साजिश बताया– उनका दावा है कि सहमति के बाद पुलिस की मौजूदगी में रेलिंग लगाने का काम चल रहा था। मगर अचानक भाजपा नेताओं के दबाव में नेताओं में पुलिस ने काम रुकवाया और तोड़फोड़ करवाई की। इसका विरोध जताने पर पहले पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की।
पत्थरबाजी करने वालों पर कार्रवाई सही
खाचरियावास ने कहा कि पत्थरबाजी करने वालों पर कार्रवाई सही है, लेकिन ऐसे लोगों की संख्या 5 से 10 से ज्यादा नहीं थी। वहीं पुलिस ने करीब डेढ़ सौ लोगों को हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सभी मोर्चों पर फेल है और ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम की राजनीति की जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस के लोग माहौल खराब कर सकते हैं
वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कांग्रेस पर पलटवार किया– उनका कहना है कि कांग्रेस जिस तरह बयानबाजी कर रही है। उससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह घटना कांग्रेस की ही साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग भीड़ में घुसकर पत्थरबाजी करा सकते हैं। इस तरह से माहौल खराब कर सकते हैं।
110 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया
मंत्री बेडम ने कहा कि सियासी फायदे को लेने के लिए कांग्रेस की ओर से साजिश रचे जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है। मामले की जांच जारी है और अगर यह आशंका सच पाई गई तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि हिंसा में अब तक 110 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है। बाहरी लोगों की भूमिका और हिंसा की प्लानिंग जैसे एंगल पर भी जांच हो रही है।