
सिरोही जिले के माउंट आबू के घने जंगलों में वनभ्रमण के दौरान लापता हुए प्रोफेसर आखिरकार 42 घंटे बाद सुरक्षित मिल गए। यह घटना उस समय हुई जब प्रोफेसर अपने साथियों के साथ जंगल में भ्रमण के लिए निकले थे रास्ते में पिछड़ गए। उनके साथियों ने मिलकर उनकी खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई।
जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस, वन विभाग, सीआरपीएफ, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से जंगल के कई हिस्सों में लगातार तलाशी अभियान चलाया गया। ड्रोन कैमरों और ट्रैकिंग उपकरणों का भी सहारा लिया गया।
प्राथमिक स्वास्थ्य जांच केंद्र में कराया एडमिट
करीब 42 घंटे की अथक खोजबीन के बाद वन विभाग की टीम को शेरगांव की पहाड़ियों में प्रोफेसर दिखाई दिए। टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, प्रोफेसर को हल्की थकान और डिहाइड्रेशन की समस्या थी, लेकिन उनकी स्थिति अब स्थिर है। अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन सभी विभागों के समन्वय और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है।
जंगल क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी
पुलिस ने बताया कि जंगलों में घूमने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को हमेशा अपनी लोकेशन की जानकारी परिजनों को देनी चाहिए और अकेले जाने से बचना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर से जंगलों में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जंगल क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी।