Rajgira Chilla Recipe : नवरात्रि या दूसरे व्रत के दौरान अगर आप बार-बार साबूदाना और कुट्टू के पकवान खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार राजगिरा चीला बनाकर देख सकते हैं. राजगिरा यानी रामदाना के आटे से तैयार होने वाला यह चीला स्वादिष्ट होने के साथ खाने में भी अलग अनुभव देता है। इसमें लौकी और पनीर मिलाने से इसका स्वाद और बेहतर हो जाता है. इसे नाश्ते या शाम के फलाहार में शामिल किया जा सकता है. ध्यान रखें कि व्रत में इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्री आपके उपवास के नियमों के अनुकूल हो.
राजगिरा चीला बनाने के लिए सामग्री
इस रेसिपी के लिए आधा कप राजगिरा आटा, आधा कप कद्दूकस की हुई लौकी, लगभग 50 ग्राम कद्दूकस किया हुआ पनीर, सेंधा नमक स्वादानुसार, आधा चम्मच जीरा, थोड़ा हरा धनिया और जरूरत के अनुसार पानी लें। चीला सेंकने के लिए घी या व्रत में मान्य तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
ऐसे तैयार करें चीले का घोल
सबसे पहले लौकी को धोकर छील लें और बारीक कद्दूकस कर लें. अगर लौकी में बहुत ज्यादा पानी है, तो उसे हल्का निचोड़ लें. अब एक बर्तन में राजगिरा आटा, लौकी, पनीर, जीरा, सेंधा नमक और कटा हुआ हरा धनिया डालें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर मध्यम गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल में गांठें न रहें.
तवे पर इस तरह बनाएं क्रिस्पी चीला
एक नॉनस्टिक तवा गर्म करें और उस पर थोड़ा घी लगाएं. अब एक कलछी घोल डालकर धीरे-धीरे गोल आकार में फैलाएं. चीले को मध्यम आंच पर पकने दें। जब नीचे की तरफ सुनहरी परत बनने लगे, तो सावधानी से पलट दें. दूसरी तरफ से भी अच्छी तरह सेंकें, ताकि चीला अंदर तक पक जाए और किनारे हल्के कुरकुरे हो जाएं.
दही के साथ करें सर्व
तैयार राजगिरा चीले को गर्मागर्म परोसें। व्रत में मान्य दही या मूंगफली की चटनी के साथ इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है. यह रेसिपी रोज के फलाहार में थोड़ा बदलाव लाने का आसान तरीका है.
इन बातों का रखें ध्यान
राजगिरा आटे में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए चीला पलटते समय टूट सकता है. इसके लिए घोल को बहुत पतला न रखें और चीले को पलटने से पहले नीचे की तरफ अच्छी तरह पकने दें। इस आसान तरीके से आप घर पर स्वादिष्ट लौकी-पनीर राजगिरा चीला तैयार कर सकते हैं.