
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को मलेशिया के दौरे पर पहुंचे। यहां वे आगामी दो दिनों तक विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों से मुलाकात करने वाले हैं। राजनाथ सिंह इस दौरान रक्षा मंत्रियों के एक सम्मेलन में शामिल होंगे। वहीं वे कई देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करने वाले हैं।
नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे
मलेशिया में राजनाथ सिंह आसियान-प्लस सदस्य देशों के अपने समकक्षों से मिलने वाले है। वे मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता में शामिल होंगे। सबसे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दूसरी आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में शुक्रवार यानी 31 अक्टूबर को आयोजित होगी।
सदस्य देशों के रक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह अहम बैठक मलेशिया की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री शामिल होंगे। इस बैठक का लक्ष्य भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और बेहतर बनेंगे है। इस बैठक के जरिए भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को और गति देने की कोशिश किया जाएगा। इसके अगले दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12वीं आसियान रक्षा मंत्रियों के संग बैठक में भाग लेंगे। यह बैठक एक नवंबर को मलेशिया के कुआलालंपुर में होने वाली है।
बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच
भारत इस बैठक का अहम हिस्सा है। यहां भारत के रक्षामंत्री, रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन होगा। आगे की राह तय करने संबंधी विषय पर विचार साझा किए जाएंगे। आपको बता दें कि आसियान एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच है। भारत की बात करें तो वह वर्ष 1992 से ही आसियान का संवाद साझेदार है। रक्षा मंत्रियों की बैठक की बात की जाए तो पहली आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस बैठक 12 अक्टूबर 2010 को हनोई, वियतनाम में आयोजित की गई थी।
2017 से यह बैठक प्रतिवर्ष आयोजित
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2017 से यह बैठक प्रतिवर्ष आयोजित हो रही है। प्रतिवर्ष बैठक बुलाने का उद्देश्य आसियान और उसके साझेदार देशों के बीच रक्षा सहयोग को ताकतवर बनाना है। दरअसल, आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक, आसियान के भीतर रक्षा संबंधी सहयोग का बड़ा मंच है।