Rajnath Singh lashes out: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर पटना में की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद जारी है। भारतीय जनता पार्टी के कई नेता इस मुद्दे पर कांग्रेस से माफी की मांग कर रहे हैं। अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी खरगे के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। इस बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
पटना में भाषण के दौरान हुई थी टिप्पणी
यह मामला रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम का है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर बोल रहे थे। इसी दौरान भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने कथित तौर पर कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। घटना के दौरान एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट की भी खबर सामने आई। बाद में उसकी पहचान कांग्रेस कार्यकर्ता संतोष कुमार के रूप में बताई गई।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खरगे की टिप्पणी से उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से सार्वजनिक जीवन में संयम और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। राजनाथ सिंह के मुताबिक, कांग्रेस को अपनी गलती स्वीकार कर खेद जताना चाहिए, लेकिन पार्टी के नेता बयान का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को अपने विरोधियों की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने चाहिए, न कि उनके परिवार को निशाना बनाना चाहिए।
कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी द्वारा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वर्गीय पिताजी के उपर की गई टिप्पणी ने मुझे स्तब्ध और बहुत आहत किया है। इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह टिप्पणी कांग्रेस के किसी सामान्य कार्यकर्ता या किसी युवा नेता ने नहीं की है। बल्कि, अपने को देश की ‘सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी’ कहने वाली पार्टी, के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने आचरण से करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत किया। पर कांग्रेस के लोग यहीं नहीं रुके। अब कांग्रेस पार्टी खरगे जी के शब्दों को Justify कर के पुनः लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है। अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बजाय कांग्रेस इस बयान को सही ठहराने में जुटी है। इसका बचाव करने में जुटी है। खरगे जी जिस पद पर आसीन हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में, यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इस तरह का आचरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। कल तक कांग्रेस के कुछ नेता, प्रधानमंत्री जी की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मज़ाक उड़ाते थे, उनकी पूजनीय माताजी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। आज वही स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच चुकी है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज गिरने के नए रिकॉर्ड बना रहा है। वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री जी के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है। यह सिर्फ़ एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है। लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए। आज कांग्रेस का सिर्फ़ राजनीतिक ही नहीं बल्कि वैचारिक पतन भी हो चुका है। कांग्रेस को याद रखना चाहिए, कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है, और समय आने पर जवाब भी देती । मैं, कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ की प्रधानमंत्री मोदी जी को ऐसी टिप्पणियों से न विचलित किया जा सकता है, न जनसेवा के उनके संकल्प को कमजोर किया जा सकता है।
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 26, 2026
कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर उठाए सवाल
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर पहले भी कांग्रेस नेताओं की ओर से टिप्पणियां की जाती रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत अपमान में बदलना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। रक्षा मंत्री ने कांग्रेस की राजनीति और उसके नेतृत्व के आचरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस तरह की टिप्पणियों से उनके जनसेवा के संकल्प से विचलित नहीं किया जा सकता।
भाजपा की माफी की मांग, विवाद जारी
खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर चुके हैं। गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई नेताओं ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा का कहना है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं को भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। वहीं, इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब देखना होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष इस विवाद पर आगे क्या प्रतिक्रिया देते हैं।