
Rajnath Singh said on Sir Creek: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सर क्रीक को लेकर दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान ने इस दलदली सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की हरकत की, तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा कि उसका इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे। राजनाथ सिंह का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया कि पाकिस्तान सर क्रीक क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधि बढ़ा रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने इस विवाद को बातचीत से सुलझाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन पाकिस्तान की नीयत आज भी साफ नहीं है।
क्या है सर क्रीक विवाद?
गुजरात और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित सर क्रीक करीब 96 किलोमीटर लंबा दलदली इलाका है, जो समुद्र में जाकर मिलता है। यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से बेहद कठिन और खतरनाक है, जहां सांप-बिच्छू और जलीय जीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच यह विवाद 1947 से चला आ रहा है। भारत का कहना है कि सीमा का निर्धारण थलवेग सिद्धांत के आधार पर होना चाहिए, यानी बीच की धारा को सीमा माना जाए, जबकि पाकिस्तान 1914 के एक पुराने दस्तावेज़ के आधार पर पूरे इलाके पर दावा करता है। इस विवाद का हल अब तक नहीं निकल पाया है।
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रणनीतिक रूप से अहम है सर क्रीक इलाका
सर क्रीक सिर्फ सीमा विवाद नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में तेल और गैस के भंडार होने की संभावना है, साथ ही यह मछली पकड़ने का बड़ा केंद्र भी है। पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में यहां अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है—रडार, नावें और मिसाइल तैनात कर सुरक्षा मज़बूत की है। भारत भी इस इलाके पर चौकस नज़र बनाए हुए है, क्योंकि 26/11 मुंबई हमले की साजिश यहीं से रची गई थी। राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि भारत अब किसी भी घुसपैठ या उकसावे का “निर्णायक जवाब” देने के लिए पूरी तरह तैयार है।