SCO Meeting: राजनाथ सिंह मंगलवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में वह भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच शांति बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराएंगे।
द्विपक्षीय वार्ता भी संभव
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री अन्य सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी कर सकते हैं। इन बैठकों में रक्षा सहयोग बढ़ाने, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े साझा हितों पर चर्चा होने की संभावना है।
आतंकवाद पर सख्त रुख
राजनाथ सिंह इस मंच पर आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट रूप से रखेंगे। उन्होंने कहा है कि भारत वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
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इन मुद्दों पर होगी अहम चर्चा
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय शांति जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा आतंकवाद से निपटने, उग्रवाद पर रोक लगाने और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
भू-राजनीतिक हालात के बीच बैठक अहम
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बनी हुई है। SCO की स्थापना 15 जून 2001 को चीन के शंघाई में हुई थी और इसमें भारत समेत कई प्रमुख देश शामिल हैं। ऐसे में यह बैठक मौजूदा हालात में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां सदस्य देश मिलकर चुनौतियों का समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे।