Rajpal Yadav Case : राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी मामले को लेकर सुर्खियों में हैं। चेक बाउंस केस में उन्हें जेल की सजा मिली थी और 10 सितंबर तक सरेंडर करना था। अब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल सरेंडर से राहत दी है, लेकिन इसके लिए 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त रखी है।
कोर्ट ने रखी 5 करोड़ की शर्त
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राजपाल यादव और उनकी पत्नी की ओर से कोर्ट की रजिस्ट्री में 9 सितंबर तक 5 करोड़ रुपये जमा किए जाने पर उन्हें सरेंडर से छूट मिलेगी। यानी यह राहत बिना शर्त नहीं है। रकम जमा नहीं होती है तो उन्हें मिली यह राहत भी खत्म हो सकती है।
सात चेक बाउंस का है मामला
यह पूरा मामला फिल्म निर्माता और फाइनेंसर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। कंपनी ने राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा यादव और उनकी फिल्म निर्माण कंपनी के खिलाफ सात शिकायतें की थीं। ये मामले फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए हुई पैसों की लेन-देन से जुड़े हैं।
तीन महीने की सजा हुई थी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2026 के फैसले में राजपाल यादव की दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सात मामलों में तीन महीने की जेल की सजा दी थी। कोर्ट ने उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए समय दिया था, लेकिन सरेंडर की तारीख 10 सितंबर तय की गई थी। इसी फैसले के खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
अब 15 सितंबर को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। तब कोर्ट इस मामले में आगे की स्थिति पर सुनवाई करेगा। अभी मिली राहत को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
पहले भी जमा हो चुकी है रकम
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता को पहले करीब 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि मामले में बाकी भुगतान और अदालत के निर्देशों को लेकर विवाद अभी जारी है। हाईकोर्ट ने पहले भी भुगतान से जुड़ी अलग-अलग रकम जमा करने का निर्देश दिया था।
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अब 5 करोड़ पर टिकी नजर
फिलहाल राजपाल यादव के लिए सबसे अहम बात 5 करोड़ रुपये जमा करना है। इसके बाद ही सरेंडर से मिली अंतरिम राहत कायम रहेगी। अब इस मामले में अगला बड़ा पड़ाव 15 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई होगी। तब साफ होगा कि राजपाल यादव को आगे कितनी राहत मिलती है और केस किस दिशा में जाता है।