
संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन राज्यसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में हर जगह बम धमाके आम बात थी और उस समय पाकिस्तान को मिठाइयां भेजी जाती थीं। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी एक व्यक्ति को भगवान नहीं बनाया जा सकता।
ऑपरेशन सिंदूर पर जारी बहस
राज्यसभा में बुधवार को लगातार दूसरे दिन ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बहस जारी रही। इस अभियान के जरिए जम्मू-कश्मीर में छिपे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसपर बोलते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में बम धमाके आम हो चुके थे और उस समय की सरकार पाकिस्तान को ‘मिठाई’ भेजती थी।
जयशंकर का दो टूक बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भारत अब दुनिया को पाकिस्तान का असली चेहरा दिखा रहा है। उन्होंने कहा, "खून और पानी एक साथ नहीं चल सकते।" उनका इशारा आतंकवाद और कूटनीतिक रिश्तों के बीच विरोधाभास की ओर था।
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खड़गे का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि सच्चे नेतृत्व की पहचान है—जवाबदेही लेना, न कि दूसरों पर दोष डालना। खड़गे ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी कभी बहस में हिस्सा नहीं लेते और अपने मंत्रियों से जवाब दिलवाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक व्यक्ति को पूज्य नहीं बनाया जाना चाहिए।
अमित शाह देंगे समापन भाषण
गृह मंत्री अमित शाह इस बहस का समापन भाषण दे सकते हैं। माना जा रहा है कि वह ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति, सफलता और भविष्य की दिशा को स्पष्ट करेंगे।