भोपाल- मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन और भाजपा उम्मीदवार महेश केवट के बीच मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने विधायकों को कर्नाटक भेज दिया है।
विशेष विमान से कर्नाटक रवाना हुए विधायक
कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी के विधायक मंगलवार को विशेष विमान से भोपाल से कर्नाटक रवाना हो गए। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह कदम विधायकों को एकजुट रखने और चुनाव तक रणनीतिक समन्वय बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। कांग्रेस का दावा है कि सभी विधायक पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं और राज्यसभा चुनाव में अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।
राज्यसभा चुनाव ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
भाजपा द्वारा तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के बाद राज्यसभा चुनाव का गणित दिलचस्प हो गया है। इसी वजह से कांग्रेस किसी भी प्रकार की राजनीतिक सेंधमारी या क्रॉस वोटिंग की संभावना को लेकर सतर्क नजर आ रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव तक सभी विधायकों को साथ रखने की रणनीति बनाई गई है।
2020 के अनुभव से सबक
कांग्रेस इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है। वर्ष 2020 में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और सरकार गिरने के अनुभव को देखते हुए पार्टी पूरी सावधानी बरत रही है। यही कारण है कि मतदान तक विधायकों को एकजुट रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
तीसरी सीट पर टिकी निगाहें
230 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है। भाजपा के दो उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि तीसरी सीट पर मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। ऐसे में दोनों दल अपने-अपने विधायकों और समर्थक वोटों को साधने में जुटे हुए हैं। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति और गर्माने के आसार हैं।