
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और रक्षा-संकल्प का प्रतीक है। हर साल श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्योहार इस बार कुछ खास बनने जा रहा है। साल 2025 में रक्षाबंधन पर 95 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसने इस पर्व की महत्ता को और भी बढ़ा दिया है। पंचांग के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा काल की उपस्थिति है, लेकिन राहत की बात यह है कि भद्रा दोपहर से पहले समाप्त हो जाएगी, जिससे राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त पूरे दिन उपलब्ध रहेगा।
कैसा है 2025 का विशेष संयोग?
2025 में रक्षाबंधन का पर्व शुक्रवार, 8 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण पूर्णिमा, श्रवण नक्षत्र, और वृद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ये तीनों मिलकर पर्व को अत्यंत शुभ और फलदायी बना देते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ऐसा संयोग 95 वर्षों के बाद आया है, जिससे इस दिन की पूजा और राखी का महत्व कई गुना बढ़ गया है।
भद्रा कब तक रहेगी?
भद्रा काल को लेकर अक्सर लोगों में भ्रम रहता है कि भद्रा में राखी नहीं बांधनी चाहिए। यह बात शास्त्रों में भी कही गई है कि भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है।
2025 में भद्रा काल सुबह लगभग 10:59 बजे तक रहेगा।
इसके बाद से शाम तक राखी बांधने के लिए उत्तम समय रहेगा। खास बात यह है कि भद्रा पूंछ, जो सबसे अधिक अशुभ मानी जाती है, वह सुबह समाप्त हो जाएगी, जिससे दिन के बाकी समय को शुभ माना जा सकता है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
भद्रा के समाप्त होने के बाद राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 11:00 AM से 6:30 PM तक रहेगा। इस समय बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना कर सकती हैं।
अद्भुत संयोग
रक्षाबंधन 2025 न केवल भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करेगा, बल्कि 95 साल बाद बन रहा यह अद्भुत योग इसे बेहद शुभ और यादगार बना देगा। उचित मुहूर्त में पूजा और राखी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए शुभ समय पर ही इस पवित्र बंधन को निभाएं...