
रक्षा बंधन 2025: रक्षा बंधन भाई-बहन के रिश्ते का एक पवित्र त्योहार है, जो हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और रक्षा की कामना करती हैं। वहीं भाई भी बहन की आजीवन रक्षा का वचन देते हैं। लेकिन यह पर्व केवल एक रस्म भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे धार्मिक परंपराएं और कुछ विशेष नियम भी जुड़े होते हैं, जिनका पालन करना शुभ फल प्रदान करता है।
इस दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन
वर्ष 2025 में रक्षा बंधन 9 अगस्त, शनिवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि इसी दिन सुबह 10 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 45 मिनट तक माना गया है। इसी समय में राखी बांधना श्रेष्ठ रहेगा।
क्या है गांठ बांधन का तरीका
राखी बांधते समय एक खास परंपरा गांठ लगाने की भी होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राखी बांधते समय कुल तीन गांठ लगाई जाती है। पहली गांठ भाई की लंबी उम्र के लिए, दूसरी उसकी सुख-समृद्धि के लिए और तीसरी दोनों के रिश्ते को मजबूती देने के लिए होती है। इन तीनों गांठों के साथ बहन मन में भगवान विष्णु और गणेश का ध्यान करते हुए भाई के कल्याण की कामना करती है।
होता है विशेष महत्व
राखी बांधते समय दिशा का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठाना चाहिए। यह दिशाएं शुभ मानी जाती हैं और इनसे सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। बहन को भाई के सामने बैठना चाहिए ताकि वह पूजा और राखी की सभी क्रियाएं ठीक से कर सके।
परिवारबोध का त्योहार
राखी बांधने से पहले भाई की कलाई पर रोली और अक्षत से तिलक करना चाहिए और फिर आरती उतारनी चाहिए। आरती दक्षिणावर्त दिशा में (दाईं ओर) घुमाई जानी चाहिए। इसके बाद राखी बांधते हुए भाई को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लेना चाहिए।रक्षा बंधन पर यदि यह सभी छोटे-छोटे नियम ध्यान में रखे जाएं, तो यह पर्व केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को गहराई से जोड़ने वाला एक पवित्र संकल्प बन जाता है।