Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन इस साल विशेष संयोग के बीच मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा के दिन मनाए जाने वाले इस त्योहार पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से पर्व का महत्व और बढ़ जाता है। इस बार दिनभर अलग-अलग शुभ चौघड़िया उपलब्ध होने के कारण राखी बांधने के लिए कई अच्छे समय मिल सकते हैं।
सुबह से शाम तक मिलेंगे शुभ अवसर
रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय का विशेष ध्यान रखा जाता है। पंचांग में बताए गए चौघड़िया के आधार पर बहनें अपनी सुविधा के अनुसार मुहूर्त चुन सकती हैं। सुबह का समय पूजा और राखी की तैयारियों के लिए अच्छा रहेगा। इसके बाद दिन में भी कई शुभ अवधि मिलने की संभावना है। हालांकि किसी विशेष शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अंतर के कारण चौघड़िया के समय में कुछ बदलाव हो सकता है।
अमृत और शुभ चौघड़िया को माना जाता है खास
रक्षाबंधन पर चौघड़िया में अमृत, शुभ और लाभ को सामान्यतः शुभ माना जाता है। इन अवधियों में धार्मिक कार्य और मांगलिक गतिविधियां करने की परंपरा रही है। भाई को राखी बांधने से पहले बहनें पूजा की थाली तैयार कर सकती हैं, जिसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी शामिल होती है। इसके बाद भाई का तिलक कर आरती उतारी जाती है और उसकी कलाई पर राखी बांधी जाती है।
ये 5 चौघड़िया हो सकते हैं महत्वपूर्ण
रक्षाबंधन के दिन अमृत, शुभ और लाभ वर्ग के चौघड़िया को प्राथमिकता दी जा सकती है। इनमें सुबह का अमृत या शुभ काल, दिन का लाभ काल, दोपहर का शुभ समय और शाम के आसपास मिलने वाला लाभ या अमृत काल विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है। हालांकि सटीक समय स्थान के अनुसार बदलता है, इसलिए राखी बांधने से पहले अपने शहर के पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा। भद्रा जैसी अशुभ अवधि होने पर उसकी समाप्ति का भी ध्यान रखना चाहिए।
भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का पर्व
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने की रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के स्नेह और आपसी विश्वास का उत्सव है। इस दिन बहनें भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं, जबकि भाई उनकी रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं। शुभ मुहूर्त में राखी बांधने की परंपरा धार्मिक आस्था से जुड़ी है। इसलिए समय की गणना के साथ इस पर्व का सबसे महत्वपूर्ण संदेश प्रेम, सम्मान और परिवार के रिश्तों को मजबूत बनाना है।
नोट: चौघड़िया और राखी बांधने के सटीक समय में शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। शुभ मुहूर्त के लिए स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय ज्योतिषीय गणना का सहारा लेना उचित रहेगा।