रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ा फैसला हुआ। सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को परिवहन निगम की सभी बसों में आजीवन नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने वाली लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना को मंजूरी दे दी। सरकार के मुताबिक इससे एक करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित होंगी। पात्रता के लिए आधार कार्ड में दर्ज आयु को आधार बनाया जाएगा। योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 27 अगस्त को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से करेंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री कार्यक्रम आयोजित कर इसकी शुरुआत कराएंगे।
जीवनभर बिना किराया यात्रा
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर की महिलाएं परिवहन निगम की बसों में जीवनभर बिना किराया यात्रा कर सकेंगी। उनके मुताबिक पहचान और उम्र के प्रमाण के लिए आधार अथवा मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा सकेगा। सरकार ने यह फैसला 2022 के विधानसभा चुनाव में किए गए उस वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया है, जिसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा का आश्वासन दिया गया था।
400 करोड़ रुपये की मंजूरी
कैबिनेट ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 250 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए करीब 400 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी। इनमें 42 और 52 सीट वाली बसें शामिल होंगी। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार देने समेत कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी। आईटी क्षेत्र से जुड़े निवेश नियमों में बदलाव को भी स्वीकृति दी गई।
निगम की बसों में निर्धारित अवधि
रक्षाबंधन के मौके पर अलग से महिलाओं और उनके एक सहयात्री को भी परिवहन निगम की बसों में निर्धारित अवधि के दौरान मुफ्त सफर की सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था 27 अगस्त सुबह छह बजे से 29 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहेगी। इस तरह कैबिनेट का फैसला त्योहार की तत्काल सुविधा के साथ 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए स्थायी यात्रा सुविधा का रास्ता भी खोलता है।