Raksha Bandhan 2026: इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और अपनापन बढ़ाने वाला यह पर्व हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन आता है। इस मौके पर बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी तरक्की, अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करती है। भाई भी बहन की हर परिस्थिति में साथ देने और उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। राखी बांधने को लेकर धार्मिक मान्यताओं में कुछ खास नियम बताए गए हैं। पूजा की थाली तैयार करने से लेकर भाई के बैठने की दिशा और राखी बांधने के मंत्र तक, इन बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं रक्षाबंधन पर किस तरह राखी बांधनी चाहिए।
ऐसे तैयार करें राखी की थाली
राखी बांधने से पहले थाली में जरूरी पूजन सामग्री रख लें। इसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी शामिल होनी चाहिए। भाई को पहले साफ जगह पर आराम से बैठाएं। इसके बाद उसके माथे पर रोली का तिलक करें और उसके ऊपर अक्षत लगाएं। तिलक के बाद भाई की कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधने के बाद दीपक से उसकी आरती करें और फिर मिठाई खिलाएं। इसके बाद भाई अपनी बहन को सामर्थ्य के अनुसार उपहार देकर हमेशा उसके साथ खड़े रहने का संकल्प ले सकता है।
किस दिशा में बैठकर बांधें राखी?
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक राखी बांधते समय भाई का चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इन दिशाओं की ओर मुख करके किए गए शुभ कार्य सकारात्मक माने जाते हैं। इसके अलावा राखी बंधवाते समय भाई के सिर पर साफ कपड़ा या रूमाल रखना भी शुभ परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
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राखी बांधते वक्त इस मंत्र का कर सकते हैं जाप
येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वाम् प्रतिबध्नामि, रक्षे मा चल मा चलः॥
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र के साथ राखी बांधना मंगलकारी माना जाता है। मंत्र बोलते हुए बहन अपने भाई के स्वस्थ, सुरक्षित और सुखी जीवन की कामना करती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. loksatya इसकी पुष्टि नहीं करता है।