
Rakshabandhan 2025: रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के बंधन को मजबूत करने का प्रतीक है। यह त्योहार हर साल सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, और इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र व खुशहाली की कामना करते हुए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। वहीं, भाई उन्हें जीवनभर रक्षा का वचन देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रक्षाबंधन के दिन कुछ विशेष गलतियों से बचना बहुत जरूरी होता है? शास्त्रों और परंपराओं के अनुसार, कुछ कार्यों को इस दिन करना अशुभ माना जाता है, जो रिश्तों में बाधा, दुर्भाग्य या मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं।
यहां जानिए रक्षाबंधन 2025 के मौके पर किन 5 गलतियों से जरूर बचना चाहिए
1. भद्रा काल में राखी न बांधें
हिंदू पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त भद्रा काल समाप्त होने के बाद ही होता है। भद्रा काल को अशुभ माना गया है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है। इसलिए राखी बांधने से पहले शुभ मुहूर्त की जांच जरूर करें।
2. राखी बांधते समय भाई को दक्षिण दिशा की ओर न बैठाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा करते समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ माना जाता है। यदि भाई को दक्षिण दिशा की ओर बिठाकर राखी बांधी जाए, तो यह दुर्भाग्य का संकेत हो सकता है।
3. खाली हाथ राखी बांधने न जाएं
रक्षाबंधन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि एक भावना है। बहन को कभी भी खाली हाथ अपने भाई के घर राखी बांधने नहीं जाना चाहिए। मिठाई, नारियल या छोटा-सा उपहार भी इस रिश्ते में शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
4. कड़वे शब्दों से बचें
रक्षाबंधन के दिन किसी भी प्रकार की बहस, गुस्सा या कटु वचन रिश्तों में दरार डाल सकते हैं। यह दिन प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा का होता है, इसलिए इस दिन भाई-बहन को आपसी मतभेदों को भुलाकर साथ मिलकर खुशियां मनानी चाहिए।
5. राखी बांधने से पहले स्नान और पूजा न करना
रक्षाबंधन के दिन स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा करना अनिवार्य होता है। बिना स्नान या शुद्धता के राखी बांधना परंपरा के विपरीत माना जाता है।