Ram Mandir Donation Case Live: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच फैजाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। इससे पहले उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बीच एसआईटी की शुरुआती जांच से जुड़े कुछ अहम तथ्य भी सामने आए हैं।
आठों आरोपियों को कोर्ट में किया गया पेश
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। एसओजी टीम की निगरानी में उन्हें अदालत लाया गया, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
SIT की शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की जांच में सोशल मीडिया पर वायरल कई दावों को तथ्यहीन पाया गया है। जांच में सामने आया कि अनुराग रस्तोगी द्वारा दान की गई चांदी की ईंटों का पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के अभिलेखों में दर्ज है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020 में दो अलग-अलग तारीखों पर कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में मिली थी, जिसे बाद में गलाकर बैंक लॉकर में सुरक्षित रख दिया गया था।
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नेताओं की प्रतिक्रियाएं आईं सामने
केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार ने निष्पक्ष जांच और कानून के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बीजेपी सांसद राहुल सिन्हा ने भी कहा कि रामलला के मंदिर से जुड़े मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
VHP और सहयोगी दलों ने भी दिया बयान
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि उन्हें ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे की जानकारी नहीं है, लेकिन जांच निष्पक्ष रूप से चल रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ट्रस्ट में पेशेवर प्रबंधन और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वहीं सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने कहा कि योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।