अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी और गबन मामले में विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ट्रस्ट को भेजी गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गिनती कक्ष की सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
CCTV फुटेज में क्या मिला?
SIT की जांच के अनुसार 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच की रिकॉर्डिंग में कई कर्मचारियों को नोटों की गड्डियां और नकदी कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया। रिपोर्ट में ऐसे करीब 70 संदिग्ध मामलों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह घटनाएं अलग-अलग नहीं थीं, बल्कि कई दिनों तक दोहराई जाने वाली एक व्यवस्थित प्रक्रिया का हिस्सा प्रतीत होती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था में मिली कई बड़ी खामियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिनती कक्ष में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। कर्मचारियों की प्रवेश और निकास के समय तलाशी नहीं ली जाती थी, निजी सामान पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था और कई हंडियों की नकदी एक साथ मिलाकर गिनी जाती थी। इसके अलावा मूल्यवान चढ़ावे के रिकॉर्ड, सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया में भी गंभीर कमियां पाई गईं, जिससे अनियमितताओं की आशंका और बढ़ गई।
ये भी पढ़ें : Kejriwal का 'शीशमहल' बनेगा स्टेट गेस्ट हाउस, Delhi सरकार बनाएगी कल्चरल सेंटर
जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आई?
SIT ने प्रथम दृष्टया छह लोगों की संलिप्तता का उल्लेख किया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकूल मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामशंकर मिश्र के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों से करीब 78.94 लाख रुपये की बरामदगी के संकेत मिले, जबकि 4 जून को गिनती कक्ष से लगभग 2.25 लाख रुपये अतिरिक्त मिलने का भी जिक्र किया गया है। जांच में कुछ कर्मचारियों के बैंक खातों में घोषित आय से अधिक नकद लेनदेन मिलने की बात भी कही गई है।
अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. अनिल मिश्रा की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया गया है। जांच के अनुसार उन्हें सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की जानकारी थी, लेकिन तलाशी व्यवस्था, बायोमीट्रिक उपस्थिति, ड्रेस कोड, निजी सामान पर नियंत्रण, नकदी गणना और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। हालांकि रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि सोशल मीडिया पर मूल्यवान चढ़ावे के गायब होने संबंधी कई दावों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है। मामले में विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।