अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब एसआईटी को आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी रसीद बुक बरामद हुई है। जांच के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि वे फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं से चंदा लेते थे। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।
असली जैसी दिखती थी फर्जी रसीद
जांच में सामने आया कि बरामद रसीदों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का लोगो भी छपा हुआ था और वे देखने में बिल्कुल असली रसीद जैसी लगती थीं। जब कोई श्रद्धालु दान देता था, तो उसे यही रसीद दी जाती थी ताकि किसी को शक न हो। बाद में जब दान की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई, तब इन रसीदों का इस्तेमाल बंद कर दिया गया।
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राजनीति भी हुई तेज
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने जांच पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि असली दोषियों तक कार्रवाई पहुंचनी चाहिए। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जांच अभी जारी
फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। बरामद दस्तावेजों, रसीदों और आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी रसीदों का इस्तेमाल कितने समय तक हुआ और इससे कितनी रकम की वसूली की गई। मामले की अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।