अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच लगातार नए तथ्यों की ओर बढ़ रही है। पुलिस की पूछताछ में सामने आए बयानों के अनुसार, शुरुआत मामूली रकम निकालने से हुई थी, लेकिन निगरानी व्यवस्था में कथित ढील और लंबे समय तक किसी तरह की कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम, धन के इस्तेमाल और संभावित नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
छोटी रकम से शुरू हुआ कथित खेल
जांच के दौरान पुलिस को दिए गए बयानों में आरोपियों ने बताया कि नौकरी शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद कुछ कर्मचारियों ने मिलकर चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी करनी शुरू कर दी थी। शुरुआती दौर में केवल 500 रुपये के एक-दो नोट कपड़ों में छिपाकर बाहर ले जाए जाते थे। लंबे समय तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी, जिससे कथित तौर पर उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और धीरे-धीरे निकाली जाने वाली रकम भी बढ़ती चली गई।
सीसीटीवी निगरानी में कथित लापरवाही बनी वजह
जांच में यह बात भी सामने आई कि चढ़ावे की गिनती वाले कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे तो सक्रिय थे, लेकिन उनकी निगरानी हर समय प्रभावी ढंग से नहीं हो रही थी। पुलिस के अनुसार, कई अवसरों पर कंट्रोल रूम में कर्मचारी मौजूद नहीं रहते थे। इसी कथित ढिलाई का फायदा उठाकर आरोपियों ने अपनी गतिविधियों को अंजाम दिया। अब जांच एजेंसियां निगरानी व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की भी समीक्षा कर रही हैं।
रिमांड पर पूछताछ में सामने आए नए दावे
मामले में गिरफ्तार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय सहित अन्य आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ से कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो केवल दस्तावेजों से स्पष्ट नहीं हो सकते। इसी आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी की स्वीकारोक्ति
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से लगभग दो से तीन करोड़ रुपये तक की कथित चोरी की बात स्वीकार करने का दावा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस धन का उपयोग अयोध्या सहित अन्य स्थानों पर संपत्तियां खरीदने में किए जाने की भी जानकारी मिली है। हालांकि इन दावों का सत्यापन अभी जांच के दायरे में है और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल जारी है।
नकदी और आभूषणों की जांच जारी
जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी और कुछ आभूषण भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन आभूषणों के स्वामित्व और खरीद से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन करा रही है। यदि उनके वैध होने के प्रमाण मिलते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि अवैध पाए जाने पर उन्हें कथित चोरी की संपत्ति मानते हुए कानून के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पूरे मामले में जांच अभी जारी है और पुलिस सभी तथ्यों को प्रमाणों के आधार पर परख रही है।