Ram Mandir offering case: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 13 जुलाई को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी.एस. मोहना की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय, अधिवक्ता दिनेश कुमार यादव और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच सीबीआई की निगरानी में गठित विशेष समिति से कराई जाए, ताकि दान राशि में कथित गबन, भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो सके।
याचिका में सीबीआई जांच की मांग
याचिका में कहा गया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की पारदर्शी जांच के लिए सीबीआई की निगरानी में स्वतंत्र समिति गठित की जानी चाहिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की थी। अब नियमित पीठ इस याचिका पर विस्तार से सुनवाई करेगी।
एसआईटी जांच में सामने आए शुरुआती तथ्य
मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इस टीम में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। शुरुआती जांच में काउंटिंग रूम की सुरक्षा व्यवस्था में कई खामियां सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा के दौरान 27 अप्रैल से 5 जून के बीच कई संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं, जिनमें कुछ कर्मचारियों पर नकदी छिपाने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियां इन तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी हैं।
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आठ आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 29 जून को स्थानीय अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके बाद 7 जुलाई को अदालत ने तीन आरोपियों—अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे—को एक दिन की पुलिस हिरासत में पूछताछ के लिए भेजने की अनुमति दी। पुलिस और जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और मामले में आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मामले पर तेज हुई राजनीतिक बहस
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दल इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा है कि सत्य सामने आएगा। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के दान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।