Ram Mandir offering controversy: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
ट्रस्ट को लेकर उठाए सवाल
संजय राउत ने कहा कि कथित चढ़ावा चोरी का मामला बेहद गंभीर है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इस घटना में कई लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो इसे संगठित अपराध के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
केंद्र सरकार और एजेंसियों पर भी साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा कि छोटे मामलों में जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई करती हैं, लेकिन इतने बड़े आरोपों पर अब तक सख्त कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में पारदर्शी जांच जरूरी है। राउत ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों को बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करनी चाहिए।
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आभूषणों को लेकर भी लगाए आरोप
संजय राउत ने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम और माता सीता को अर्पित किए गए कुछ बहुमूल्य आभूषण और अन्य धार्मिक वस्तुओं में भी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
'राम रक्षा आंदोलन' का किया आगाज
इस बीच, उद्धव ठाकरे ने मुंबई में 'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत की है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान मंदिरों की संपत्ति और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जाएगा। पार्टी नेताओं के अनुसार, आंदोलन को महाराष्ट्र के साथ-साथ अन्य राज्यों तक भी ले जाने की योजना है। वहीं, राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी के मामले में जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।