Ayodhya News: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में चोरी और गबन के मामले में एसआईटी ने बुधवार को आरोपियों के खिलाफ अदालत में करीब 40 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाने का दावा जांच एजेंसी की ओर से किया गया है। चार्जशीट दाखिल होने के दौरान अदालत परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। वकीलों ने कार्य बहिष्कार भी किया।
105 घटनाओं का जिक्र किया गया
जांच में मंदिर परिसर और चढ़ावे की गणना से जुड़े स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। एसआईटी की जांच में चढ़ावे की चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान होने की बात सामने आई है। इससे पहले जांच में 70 घटनाओं का उल्लेख किया गया था। सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को सरकार की ओर से पेश स्थिति रिपोर्ट में 105 घटनाओं का जिक्र किया गया था।
4 जून को सामने आया था मामला
मामला चार जून को उस समय सामने आया था, जब चढ़ावे की गणना के दौरान गणना कक्ष के शौचालय में नकदी छिपाए जाने की घटना पकड़ी गई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच के लिए एसआईटी का पुनर्गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज के साथ गवाहों के बयान, डिजिटल लॉग, रसीदों और बैंक जमा रिकॉर्ड की भी पड़ताल की।
राहत देने से इनकार किया
मामले में आरोपियों की न्यायिक हिरासत लगातार बढ़ाई गई है। हाल में अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत अर्जी भी खारिज की थी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए राहत देने से इनकार किया था।
90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब जांच में सामने आए साक्ष्यों, कथित चोरी की कुल रकम और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का विस्तृत ब्योरा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आएगा। सुप्रीम कोर्ट को इससे पहले बताया गया था कि पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं, इसलिए उससे पहले आरोपपत्र दाखिल करना जरूरी था।