अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब जांच केवल कथित चढ़ावा गड़बड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि आरोपियों की जमीन खरीद, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। इसी सिलसिले में आरोपी अविनाश शुक्ला को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रतापगढ़ में भी उससे जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
जांच के बीच नेताओं के बयान तेज
मामले की जांच के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में जिम्मेदारी तय होती है तो किसी पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उनका आरोप है कि विपक्ष मामले का राजनीतिकरण कर रहा है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग उठा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
ये भी पढ़ें : Ram Mandir में चढ़ावे के बाद अब VIP दर्शन घोटाले का दावा, हर महीने लाखों की कमाई का आरोप
धार्मिक संतों ने भी जताई प्रतिक्रिया
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है तो उसे कानून और ईश्वर दोनों के सामने जवाब देना होगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच एजेंसियों पर भरोसा रखने की अपील की। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
SIT की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल एसआईटी लगातार दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है और कई पहलुओं की समानांतर जांच जारी है। अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियों का फैसला होगा