Ram Mandir Trust : अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में तीन नए ट्रस्टियों के नाम तय कर दिए गए हैं। ट्रस्ट की बैठक महंत नृत्य गोपाल दास के आवास मणिराम दास छावनी में हुई। सूत्रों के अनुसार निर्मला यादव, महेश भागचंदका और मदन पांडे को ट्रस्ट का नया सदस्य बनाया गया है। अब बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा नए CEO के चयन को लेकर है, जिसके नाम का ऐलान जल्द होने की संभावना है।
किन नामों को मिली जिम्मेदारी
ट्रस्ट में शामिल किए गए नए सदस्यों में मदन मोहन पांडेय अयोध्या से, महेश भागचंदका दिल्ली से और निर्मला यादव शिकोहाबाद से हैं। तीनों को ऐसे समय जिम्मेदारी सौंपी गई है जब ट्रस्ट के प्रशासनिक और वित्तीय ढांचे को मजबूत करने की कवायद चल रही है। माना जा रहा है कि नए सदस्य मंदिर प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
क्यों करनी पड़ी नई नियुक्तियां?
राम मंदिर में दान के कथित गबन के मामले के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और एक अन्य ट्रस्टी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इन खाली पदों को भरने के लिए नए ट्रस्टियों का चयन किया गया है। ट्रस्ट चाहता है कि प्रबंधन व्यवस्था पर उठे सवालों के बाद पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जाए।
CEO पद पर जल्द फैसला
ट्रस्ट ने वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत बनाने के लिए CEO का नया पद बनाया है। इस पद के लिए रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली की समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने तीन नामों की सिफारिश की है, जिनमें प्रयागराज के पूर्व IPS राजेश पांडे और गोंडा के पूर्व IAS योगेश्वर मिश्रा का नाम प्रमुख बताया जा रहा है। अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में लिया जाएगा।
चयन प्रक्रिया में AI का इस्तेमाल
CEO चयन प्रक्रिया को लेकर भी खास चर्चा है, क्योंकि पहली बार तकनीक और AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली का उपयोग किया गया। उम्मीदवारों के लिए 600 अंकों का मूल्यांकन ढांचा तैयार किया गया था। कुल 3,577 आवेदनों की जांच हुई, जिनमें से 470 से अधिक अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया। इससे चयन प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई।
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आगे क्या होगा?
तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट का नया ढांचा लगभग तैयार हो गया है। अब सभी की नजर CEO के नाम पर टिकी है, क्योंकि यही पद मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय संचालन में अहम भूमिका निभाएगा। माना जा रहा है कि नए नेतृत्व के साथ राम मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन और जवाबदेही को लेकर नया संदेश देने की कोशिश करेगा।