Ram Mandir Trust Meeting: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली अहम बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम को अंतिम रूप दिया जा सकता है। लंबे समय से चल रही चयन प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है और सर्च कमेटी अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप चुकी है। CEO के अलावा ट्रस्ट में रिक्त अन्य महत्वपूर्ण पदों और विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी फैसला होने की संभावना है।
मणिराम छावनी में दो चरणों में होगी बैठक
ट्रस्ट की एक दिवसीय बैठक अयोध्या स्थित मणिराम छावनी में आयोजित की जाएगी। बैठक का पहला चरण दोपहर 2 बजे शुरू होने की संभावना है। इस दौरान ट्रस्टियों के रिक्त तीन पदों को भरने और महासचिव पद से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे मुख्य बैठक होगी, जिसमें ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और विभिन्न समितियों की नई संरचना पर चर्चा की जा सकती है। धार्मिक न्यास, निर्माण, वित्त और ऑडिट समिति के साथ ही मैनेजिंग कमेटी में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
5,585 आवेदनों में से तैयार हुआ अंतिम पैनल
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। कुल 5,585 उम्मीदवारों ने इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। आवेदनों की जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों को अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ा। शुरुआती छंटनी के बाद 16 नामों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया। इन उम्मीदवारों के साथ अगस्त के पहले सप्ताह में ऑनलाइन बातचीत की गई, जबकि 11 और 12 अगस्त को उन्हें अयोध्या बुलाकर व्यक्तिगत साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद तीन उम्मीदवारों का अंतिम पैनल तैयार किया गया। चयन के दौरान प्रशासनिक अनुभव के साथ नेतृत्व क्षमता, कार्य प्रबंधन, ईमानदारी और भविष्य की योजनाओं को लेकर दृष्टिकोण जैसे पहलुओं को भी अहम माना गया।
चार नामों को लेकर चर्चाएं तेज, लेकिन आधिकारिक पुष्टि बाकी
CEO पद के लिए कुछ नाम लगातार चर्चा में बने हुए हैं। इनमें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में चर्चित राजेश पांडे, बिहार कैडर से जुड़े IPS अधिकारी परेश सक्सेना, उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS दिनेश चंद्र और पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, सर्च कमेटी की ओर से अंतिम तीन उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सर्च कमेटी ने तीन नामों की सूची ट्रस्ट को सौंप दी है। अब अंतिम चयन का अधिकार ट्रस्ट के पास है। बुधवार की बैठक में विचार-विमर्श के बाद किसी एक नाम पर सहमति बनती है तो राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की घोषणा हो सकती है।
तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने पूरी की चयन प्रक्रिया
CEO के चयन की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय सर्च कमेटी को सौंपी गई थी। इसमें न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी और डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे। कमेटी के सचिव समीर पंडा के अनुसार, पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित समय से पहले समाप्त कर ली गई। चयन अभियान की शुरुआत जुलाई के पहले सप्ताह में हुई थी। पहले पात्रता और चयन प्रक्रिया के मानक तय किए गए, फिर सर्च कमेटी का गठन हुआ। आवेदन लेने, दस्तावेजों की जांच, ऑनलाइन संवाद और अयोध्या में व्यक्तिगत इंटरव्यू के बाद अंतिम पैनल तैयार किया गया। 1 सितंबर को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी।
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मीडिया व्यवस्था और समितियों में भी हो सकते हैं बदलाव
बैठक केवल CEO की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहने वाली है। ट्रस्ट के तीन रिक्त सदस्य पदों को भरने के साथ पूर्णकालिक महासचिव के नाम पर भी फैसला संभव है। वहीं, ट्रस्ट की विभिन्न समितियों को नए सिरे से व्यवस्थित करने पर चर्चा होगी। मीडिया से जुड़े दायित्वों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवक्ता की मौजूदा व्यवस्था की जगह मीडिया प्रभारी की नई जिम्मेदारी तय की जा सकती है। ऐसे में बुधवार की बैठक राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि अयोध्या के भव्य राम मंदिर से जुड़े कार्यों की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाला पहला CEO कौन होगा।