राम मंदिर चंदा मामले में जांच तेज होने के साथ ही बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के भी इस्तीफा देने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन इस्तीफों को लेकर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। दूसरी ओर एसआईटी की रिपोर्ट के बाद मामले में कार्रवाई तेज हो गई है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
SIT रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई
जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी की है। शुरुआती एसआईटी रिपोर्ट में चंदे की निगरानी व्यवस्था में गंभीर खामियों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का सही तरीके से पालन नहीं होने के कारण कथित गड़बड़ियों की गुंजाइश बनी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई लगातार जारी है।
आठ आरोपी गिरफ्त में, करीबी लोगों पर भी शिकंजा
पुलिस ने जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल हैं। उनके भतीजे मनीष यादव को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा तथा कैश काउंटिंग की निगरानी से जुड़े सुभाष श्रीवास्तव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियां सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हैं।
ये भी पढ़ें : 1 जुलाई से Passport बनवाना पड़ेगा महंगा, तत्काल सेवा से लेकर री-इश्यू तक बढ़ेगी जेब पर मार
सीएम योगी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि 19 जून को उन्होंने एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया था और अब उसी दिशा में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जांच अभी जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एसआईटी टीम मामले से जुड़े प्रत्येक आरोपी तक पहुंचेगी और किसी को भी राहत नहीं मिलेगी। साथ ही उन्होंने राम मंदिर को लेकर बिना तथ्यों के आरोप लगाने वालों की मंशा पर भी सवाल उठाए। फिलहाल जांच जारी है और ट्रस्ट से जुड़े इस्तीफों समेत पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।