लखनऊ। अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को आयोजित बैठक के बाद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पूरे राम मंदिर परियोजना पर कुल अनुमानित 1900 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है। इसमें से अब तक जीएसटी सहित 1600 करोड़ रुपये का भुगतान निर्माण एजेंसियों को किया जा चुका है।
राम जन्मभूमि परिसर में हुई इस दो दिवसीय बैठक में मुख्य रूप से राम कथा संग्रहालय, ऑडिटोरियम और अन्य संबद्ध निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया कि 30 अप्रैल 2026 तक राम मंदिर से जुड़े सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। इसके बाद मुख्य निर्माण एजेंसियां जैसे एलएंडटी, टाटा कंसल्टेंसी और राज्य निर्माण निगम के सभी समझौते श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।
मिश्र ने बताया कि फिलहाल केवल ऑडिटोरियम का कार्य बाकी है, जिसे भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी ने निर्माण के बाद तीन वर्ष की गारंटी प्रदान की है, जिससे मंदिर की मजबूती और दीर्घायु सुनिश्चित होगी। यह खबर राम भक्तों के लिए अत्यंत उत्साहजनक है, क्योंकि प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण अब पूर्णता की ओर तेजी से अग्रसर है। दानदाताओं और श्रद्धालुओं के सहयोग से प्राप्त निधि से यह ऐतिहासिक परियोजना बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ रही है। 30 अप्रैल के बाद मंदिर परिसर में सभी सुविधाएं पूरी तरह से संचालित हो जाएंगी, जिससे लाखों राम भक्तों को निर्बाध दर्शन का अवसर मिलेगा।