अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे पर एक युवक द्वारा धार्मिक गतिविधि किए जाने की कोशिश के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। इस घटना के बाद न सिर्फ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू हुई, बल्कि पूरे क्षेत्र में संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक सख्ती भी बढ़ा दी गई है।
दक्षिणी परकोटे पर संदिग्ध गतिविधि
राम मंदिर परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा कर्मियों ने दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में एक युवक को नमाज पढ़ते हुए देखा। बताया गया कि युवक मंदिर दर्शन के बहाने परिसर में प्रवेश कर गया था और सीता रसोई के पास जाकर धार्मिक गतिविधि करने लगा। सुरक्षाबलों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उसे रोका और हिरासत में ले लिया।
गेट D1 से एंट्री, कई सवाल खड़े
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने राम मंदिर के गेट D1 से प्रवेश किया था। जांच एजेंसियां यह समझने में जुटी हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद वह मंदिर के संवेदनशील हिस्से तक कैसे पहुंचा। इस घटना को सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है, जिसके बाद प्रवेश प्रक्रिया और निगरानी तंत्र की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
कश्मीर कनेक्शन और पूछताछ
हिरासत में लिया गया युवक अहमद शेख बताया जा रहा है, जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले का निवासी है। उसके पास से नकदी, कुछ ड्राई फ्रूट्स और एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें कई फोन नंबर दर्ज हैं। खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा इकाइयां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं, ताकि उसके मकसद और संभावित संपर्कों का पता लगाया जा सके।
हर एंगल से जांच में जुटी एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही हैं। आरोपी अकेला था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा, वह अयोध्या क्यों आया और मंदिर परिसर को ही क्यों चुना—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
नॉन-वेज डिलीवरी पर सख्ती
घटना के बाद अयोध्या प्रशासन ने मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में नॉन-वेज भोजन की डिलीवरी पर सख्त रोक लागू कर दी है। ‘पांच कोसी परिक्रमा’ क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। होटलों और होमस्टे को भी चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।